बाधाएँ आती हैं आएँ
घिरें प्रलय की घोर घटाएँ,
पावों के नीचे अंगारे,
सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ,
निज हाथों में हँसते-हँसते,
आग लगाकर जलना होगा।
क़दम मिलाकर चलना होगा।
आप हमारे साथ जुड़े और अपने और अपने परिवार को सुरक्षित करते हुए एक कदम अपने भविष्य की और बढाए
साथी
रवि कुमार भट्ट
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